बवासीर लक्षण

बवासीर के लक्षण और 7 सफल उपचार: Symptoms of Piles in Hindi

खूनी बादी बवासीर (पाइल्स) के लक्षण : बवासीर को अंग्रेजी भाषा Piles या Haemorrhoids कहा जाता हैं। बवासीर होने की समस्या काफी तकलीफदेह हो सकती हैं। शुरुआत में ज्यादातर लोगो को बवासीर के होने का पता नहीं चलता। जब परेशानी ज्यादा बढ़ जाती हैं तभी उसकी जांच और ट्रीटमेंट के लिए जाया जाता हैं। बवासीर में गुदा के अंदर और बाहर की नसों में सूजन आ जाती हैं। उसी के आधार पर इसके 2 प्रकार होते हैं बाहरी और भीतरी बवासीर। पाइल्स में सूजन, मस्से होना, खुजली और खून आना कुछ आम मुख्य लक्षणों में से हैं। बवासीर को अगर इसके शुरूआती स्टेज में पहचान के उपचार ना किया जाए तो सर्जरी तक की नौबत आ जाती हैं। ऐसे नौबत से बचने के लिए चलिए जानते हैं – Symptoms of Piles in Hindi.

बवासीर के प्रकार : Type of Piles in Hindi

बवासीर मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता हैं। External Piles और Internal Piles. अधितकर पुरुष और महिलाओ में internal यानी भीतरी बवासीर होता हैं। ज्यादातर मामलो में ये समस्या खुद ही ख़त्म हो जाती हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. भीतरी बवासीर (Internal Piles)

भीतरी बवासीर सबसे ज्यादा आम हैं। ये गुदा के अंदर होता हैं जिसमे अंदर की नशों में सूजन आ जाती हैं। इसमें सूजन गुदा के 2 से 4 सेंटीमीटर अंदर तक होती हैं। क्योंकि ये अंदर होता हैं इसलिए इसे देखना मुश्किल होता हैं। पर इसे महसूस किया जा सकता हैं। खून आना भीतरी बवासीर का मुख्य लक्षण होता हैं। इंटरनल पाइल्स को भी 4 केटेगरी में बांटा गया हैं जो हैं :

  • Grade 1 : ग्रेड 1 बवासीर में सूजन गुदा के अंदर तो होती हैं पर ये काफी कम होती हैं जो गुदा की परत के अंदर होती हैं।
  • Grade 2 : इसमें सूजन ग्रेड 1 के मुकाबले ज्यादा होती हैं पर होता ये भी गुदा के अंदर ही हैं। इसमें जब लेटरिंग (शौच) करते हैं उस समय मॉल त्यागते समय नसों में सूजन से बने मस्से बाहर निकल आ सकते हैं। जो बाद में अपने आप अंदर भी चले जाते हैं।
  • Grade 3 : ग्रेड 3 बवासीर को prolapsed haemorrhoids के नाम से भी जाना जाता हैं। इसमें बवासीर के मस्से गुदा से बाहर निकल आते हैं। जिन्हें रोगी उंगलियों की मदद से गुदा के अंदर धकेल सकते हैं।
  • Grade 4 : ग्रेड 4 का बवासीर होना गंभीर होता हैं इसमें मस्सो का आकार बढ़ जाता हैं। इन मस्सो को गुदा के अंदर नहीं किया जा सकता और ये बाहर ही निकले रहती हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाकर आगे का उपचार कराने की आवश्यकता होती हैं। अधिकतर मामलों में ऑपरेशन से ही इलाज किया जाता हैं।

बवासीर (पाइल्स) के लक्षण bawasir ke lakshan

2. बाहरी बवासीर (External Piles)

इसमें मस्से गुदा के बाहर होते हैं जो गुदा के आस पास की स्किन पर होते हैं। जो गाँठ के जैसे दिखाई देते हैं। वहा की त्वचा काफी सवेदनशील होती हैं इसलिए इनमे काफी दर्द हो सकता हैं। दर्द के साथ खुजली और खून भी आ सकता हैं।

बवासीर (पाइल्स) के लक्षण : Piles Symptoms in Hindi

अगर बवासीर की समस्या कम हैं यानी सूजन कम हैं तो ज्यादा घबराने के बात नहीं होती अधिकतर मामलो में ये अपने आप ठीक हो जाती हैं। बवासीर होने पर कुछ ऐसे संकेत हमें मिलते हैं जिन्हें पहचान कर हम इसके होने का पता लगा सकते हैं।

बवासीर के शुरूआती लक्षण : Bawasir ke Lakshan

  • गुदा के बाहर पास पास गाँठ बन जाना। ये गाँठ खून जमा होने से होती हैं जिसे छू कर पता लग जाता हैं।
  • लेटरिंग (मल त्यागने) करने के बाद खून आना।
  • पूरी तरह मल त्यागने (लेटरिंग) के बाद भी ऐसा महसूस होना की अभी भी अंदर मल हैं।
  • गुदा के आस पास की त्वचा लाल होना और साथ में खुजली भी होना बवासीर का लक्षण हो सकता हैं।
  • मल गुजरते समय दर्द महसूस होना।

बवासीर बढ़ जाने पर लक्षण (तुरंत उपचार की जरुरत)

  • मल के साथ खून का बहाव काफी अधिक मात्रा में हो। ऐसे में खून की कमी की बीमारी एनीमिया भी हो सकती हैं।
  • गुदा में या बाहर इन्फेक्शन फ़ैल जाना।
  • बवासीर के मस्से बाहर निकले रहना जो साइज में इतने बड़े होते है की उन्हें अंदर नहीं किया जा सकता।
  • Bowel Movements यानी लेट्रिंग पर नियंत्रण ना रहना।
  • टट्टी का रंग कला या गहरा भूरा रंग का होना।
  • पाइल्स जब बढ़ जाता हैं जो गुदा की नसों तक खून का दौरा रुक जाता हैं। जिसे संक्रमण और ब्लड क्लॉट होने की सम्भावना काफी रहती हैं।

जाने : बवासीर का रामबाण इलाज

बवासीर की डॉक्टरी जांच (Test) कैसे होता हैं?

बवासीर के लक्षण दिखाई देने पर इसकी जांच के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना होगा। डॉक्टर खुद आपकी जांच करके ये पता लगाएगा की आपको ये बीमारी है या नहीं।

पाइल्स की जांच के लिए डॉक्टर हाथो में दस्ताने पहनता है और अपनी उंगलियों पर चिकनाई लगाकर ऊँगली गुदा के अंदर डालता हैं। और उससे पता लगाता हैं की गुदा के अंदर कुछ असामान्य तो नहीं हैं।

इसके अलावा ज्यादा बारीकी से पता लगाने के लिए डॉक्टर proctoscope और anoscope जैसे यंत्रो की मदद से अंदर देख कर सही से बवासीर का पता लगता हैं।

बवासीर के घरेलू उपचार : Piles Treatment at Home in Hindi

  1. इसके होने का मुख्य कारण कब्ज़ होता हैं। इसलिए कब्ज़ ठीक करने के इए इसबगोल, त्रिफला चूर्ण का सेवन करे। कब्ज़ ठीक होगा और मल सॉफ्ट होगा तो बवासीर ठीक होने लगेगा।
  2. सोने से पहले एक गिलास दूध में 2-3 मल आरंडी का तेल (castor oil) मिलकर पिए। इसके साथ में मस्सो पर भी अरंडी के तेल को लगा सकते हैं। ये तेल anti-inflammatory, anti-fungal और anti-bacterial होता हैं जो सूजन के साथ खुजली और इन्फेक्शन को भी ख़त्म करने में मदद करता हैं।
  3. गुदा के उस हिस्से को साफ़ रखे। जिसके लिए रोजाना नहाए और नहाने के बाद उस हिस्से को सुखाए जरुर। नहाने में साबुन का इस्तेमाल जरुरी नहीं हैं।
  4. बवासीर को ठीक करना हैं तो ज्यादा पानी पिए। पानी अधिक पीने से कब्ज़ नहीं बनेगा और जिससे बवासीर भी ठीक जल्दी होगा।
  5. गुदा के बाहर सूजन ज्यादा है तो आप वहा की बर्फ से सिकाई कर सकते हैं। इससे सूजन में कमी आयगी।
  6. सुखी आम की गुठलियों का पाउडर बनाए। इस पाउडर की 2 चमच्च थोड़े शहद के साथ मिलकर दिन में 2 बार पीना पाइल्स का अच्छा घरेलू उपचार हैं।
  7. बवासीर में जलन और दर्द में आराम पाने के लिए नारियल का तेल मस्सो पर लगाए।

दोस्तों बवासीर के लक्षण : Symptoms of Piles in Hindi? लेख के बारे में अपने सवाल और सुझाव हमें कमेंट में जरुर लिखे। अगर हामरे किसी पाठक को पाइल्स की समस्या हैं तो वो अपने अनुभव भी शेयर जरुर करे।

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