घरेलू नुस्खे बवासीर

बवासीर का रामबाण घरेलू इलाज और 10 देसी आयुर्वेदिक नुस्खे

बवासीर का घरेलू इलाज इन हिंदी : बवासीर जिसे पाइल्स के नाम से भी जाना जाता हैं एक ऐसी समस्या हैं जिसके बारे में कोई भी खुलकर बात नहीं करता। अधिकतर महिला और पुरुष इसके बारे में बात करते हुए शरमाते हैं जो की बिलकुल गलत हैं। जब गुदा के अंदर और बाहरी नशो में सूजन आने से मस्से बन जाए उस अवस्था को पाइल्स कहते हैं। खूनी और बादी 2 तरह की बवासीर होती हैं। समय रहते इसके लक्षण को पहचान कर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाए तो बवासीर के मस्से जड़ से ख़त्म करना ज्यादा मुश्किल नहीं होता। अगर ये बढ़ जाए तो खून आना और तेज़ दर्द होना शुरू हो जाता हैं और सर्जरी से मस्से निकालने की नौबत आ जाती हैं। आज हम जानेंगे बवासीर का इलाज के घरेलू देसी नुस्खे , खानपान : Piles Home Remedies in Hindi.

लम्बे समय तक कब्ज़ बने रहना, एक जगह बैठे रहना और मोटापा कुछ ऐसे कारण हैं जिनसे बवासीर होने की संभावना बढती हैं। इसमें क्योंकि मस्से मल द्वार में होते हैं जिससे लेटरिन करते समय दर्द और खून निकालने की समस्या भी आती हैं। आमतौर पर बवासीर खुद ही ठीक हो जाता हैं। पर इसमें लापरवाही बिलकुल नहीं करनी चाहिए। ये अगर बढ़ जाए तो जानलेवा भी हो सकता हैं।

हालाँकि बवासिर की बीमारी किसी कोई भी हो सकती हैं। पर ज्यादा उम्र के लोगो, प्रेगनंट महिलाओ और रीड की हड्डी की चोट के रोगी को बवासीर बनने की सम्भावना ज्यादा रहती हैं। इसलिए इन्हें थोड़ी ज्यादा सतर्कता रखनी जरुरी होती हैं।

बवासीर का इलाज के नुस्खे, Bawasir ka ilaj in Hindi

बवासीर (पाइल्स) का इलाज के घरेलू नुस्खे

Piles Home Remedies Treatment in Hindi

1. एलोवेरा को स्किन से संबधित कई रोगों से छुटकारा पाने में इस्तेमाल किया जाता हैं। ऐसे ही बवासीर का इलाज करने में भी एलोवेरा बहुत असर दिखाता हैं। अलोवेरा anti-inflammatory होता हैं जिससे गुदा के आस पास आई सूजन कम होती हैं। इसके साथ पाइल्स में होने वाले दर्द में भी आराम मिलता हैं।

एलोवेरा की पत्तियों से जेल निकालकर गुदा के बहरी मस्सो (external hemorrhoids) पर लगाए और 15-20 मिनट के लिए लगा छोड़ दे। अगर भीतरी बवासीर (internal hemorrhoids) हैं तो पत्तियों से कांटे हटाये और उसे छोटे पतले स्लाइस में कांटे। ये काम बड़ी सावधानी से और डॉक्टर की सलाह से करे। अब इन कटी पत्ती को फ्रीज़ में रखे और ठंडा होने पर गुदा में सावधानी से थोडा अंदर डाले। और 5-10 मिनट बाद उन्हें बहर निकाल ले। दिन में 2-3 बार ये घरेलू नुस्खा करे।

2. बवासीर से छुटकारा पाने में नारियल का तेल एक कारगर उपाय हैं। नारियल का तेल बवासीर में होने वाली जलन, दर्द के साथ सूजन को भी कम करता हैं। हाथ अच्छे से धोकर ऊँगली की मदद से नारियल तेल मस्सो वाली जगह पर लगाए। ऐसा आप दिन में 3-4 बार जरुर करे।

3. पाइल्स का घरेलू उपचार के लिए मूली का जूस एक फायदेमंद घरेलू नुस्खा हैं। मूली पेट के लिए अच्छी होती हैं। ये शरीर से हानिकारक रसायन बाहर निकलती हैं। इसे हाजमा भी बेहतर होता हैं जिससे कब्ज़ तोड़ने में भी मदद करती हैं। जो बवासीर का मुख्य कारण होता हैं। कुछ ताज़ी मूली का रस निकाले और आधा कप रस पिए। ऐसा आप रोजाना 1 महीने तक करे आपको फायदा दिखाई देने लगेगा।

4. खूनी बवासीर का देसी इलाज करने में सरसों और बकरी के दूध से बनी ये रेमेडी बहुत असरदार होती हैं। एक चमच्च सरसों के बीज का पाउडर ले और उसे आधा कप बकरी के दूध में मिलाए। इसमें स्वाद के लिए थोड़ी चीनी भी मिला सकते हैं। इस दूध के मिश्रण को सुबह खाली पेट पिए।

5. हल्दी से बवासीर का इलाज लम्बे समय से किया जाता रहा हैं। इस होम रेमेडी को बनाने के लिए हल्दी और देसी घी की जरुरत पड़ती हैं। एक चमच्च देसी घी में आधा चमच्च हल्दी पाउडर की मिलाए। इससे Piles treatment के लिए क्रीम बन जायगी। इस हल्दी से  क्रीम को रात को सोने से पहले उस हिस्से पर लगाए। ऐसा आपको रोजाना 3-4 दिन तक लगातार करना हैं।

6. लहसुन में एंटीबायोटिक और विरोधी भड़काऊ गुण होते हैं जो बवासिर में होने वाले दर्द और सूजन में आराम पहुचकर उन्हें ठीक करता हैं। पानी में 4-5 लहसुन की कली डालकर उसे उबाले। उबलने के बाद उसे ठंडा होने के लिए फ्रीज़ में रख दे। ठंडा होने के बाद उसमे रुई डुबाकर मस्से वाली जगह पर 15-20 मिनट के लिए रखे, ये दिन में 3 बार करे।

7. काली चाय एंटीऑक्सिडेंट के एक नेचुरल स्त्रोत हैं जो खूनी और बड़ी बवासीर के घरेलू ट्रीटमेंट में मददगार होता हैं। एक कप गर्म पानी में एक ब्लैक टी बैग डालकर हिलाए और उसे निकाल ले। अब इस हलके गर्म पानी को रुई की मदद से उस जगह पर लगाए। 10 मिनट बाद नार्मल पानी से उस हिस्से को धोले।

 

बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज के घरेलू उपाय : Bawasir ka ilaj

  1. आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज संभव हैं। बवासीर (फिशर) को जड़ से खत्म करने के लिए जात्यादि तेल आयुर्वेदिक नुस्खे को रामबाण उपाय माना जाता हैं। जात्यादि में घाव भरने का औषधीय गुण होता हैं इसलिए इसे बवासीर की दवा के रूप में भी जाना जाता हैं। एक तब को आधा पानी से भरे और उसमे कुछ जात्यादि तेल की बुँदे डाले और उसमे कुछ समय के बैठ जाए। जिसे वो हिस्सा पूरी तरह से पानी में डूबा रहे। ऐसा आपको 10 मिनट के लिए दिन में 2 बार करना हैं।
  2.  रात को बेड पर जाने से पहले 4-5 अंजीर एक गिलास पानी में भिगोकर रख दे। सुबह पानी समेत 2-3 अंजीर सुबह और उतनी ही शाम को खाए। इससे पाइल्स में काफी आराम मिलता हैं।
  3. बवासीर में दर्द और सूजन को खत्म करने के लिए सेंधा नमक और ग्लिसरीन से बना नुस्खा करे। 2 चमच्च सेंधा नमक और उतना ही ग्लिसरीन आपस में मिलाए। इसे एक पट्टी पर लगाकर मस्सो वाली जगह पर 25 मिनट के लिए लगाए। हर 8 घंटे बार इसे दोबारा करे।

बवासीर में क्या खाए और क्या नहीं (परहेज)

  • पाइल्स के मरीज ज्यादा मिर्च मसाले के खाने ना खाए। ऐसे चीजे इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं।
  • फलो में केला और अंगूर खाए। इन फलो को खाने से बवासीर के उपचार में मदद मिलती हैं।
  • सही खानपान ना होने से कब्ज़ बनता हैं जो इस बीमारी के होने का कारण बनता हैं। कब्ज़ और गैस से बचने के लिए रात को भारी खाना मत खाए। फाइबर युक्त डाइट का सेवन ज्यादा करे।
  • पाइल्स के इलाज में पानी ज्यादा पीना लाभदायक होता हैं। दिन में 2-3 लीटर पानी जरुर पिए।
  • खाने के साथ सलाद जरुर ले। सलाद में खीरा और गाजर खाए।

दोस्तों हिंदी में हेल्थ की ये जानकारी बवासीर का घरेलू देसी इलाज के नुस्खे : Bawaseer ka ilaj in Hindi? कैसे लगी कमेंट्स में हमें जरुर बताये। पाइल्स से संबधित सवाल भी आप निचे पूछ सकते हैं।

 

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