पीरियड्स लेट या ना आने (मिस होने) के 8 कारण और उपाय

पीरियड्स लेट या मिस होने के कारण : हर महीने माहवारी आना महिलाओ के जीवन का एक हिस्सा बन जाता हैं। जब कभी पीरियड्स लेट या ना आए तो सबसे पहले ख्याल प्रेगनेंसी का ही दिमाग में आता हैं। जिसके लिए महिलाए जल्द से प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहती हैं। पीरियड्स ना आने को प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षण के रूप में देखा जाता हैं। पर प्रेगनेंसी के अलावा भी पीरियड्स प्रॉब्लम होने के कई और कारण हो सकते हैं। जिनके बारे में निचे विस्तार से जानेंगे।

सही खान पान ना होना, अस्वस्थ जीवनशेली के अलावा किसी बीमारी के कारण भी पीरियड में देरी हो सकती हैं। वजन ज्यादा कम हो जाना, हारमोंस में असंतुलन और रजोनिवृत्ति होना ,अनियमित मासिक धर्म होने के कुछ आम कारणों में से हैं। तो चलिए जानते हैं 10 ऐसे कारण जिनकी वजह से आपके पीरियड्स आने में देरी हो सकती हैं।

पीरियड्स ना आना लेट मिस होना

पीरियड्स (माहवारी) लेट या मिस होने के कारण

1. ज्यादा शारीरिक एक्सरसाइज

शरीर को फिट और हेअलथी रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज करना जरुरी होता हैं। पर हैवी एक्सरसाइज करने से महिलाओ में एस्ट्रोजन हारमोंस लेवल में कमी आती हैं। एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओ में प्रजनन प्रक्रिया को नियंत्रित करने का काम करता हैं।

अगर आपक 1-2 घंटे डेली एक्सरसाइज करते हैं जिसकी वजह से माहवारी लेट हुई हैं तो घबराने की जरुरत नहीं हैं। जो महिलाओ स्पोर्ट्स में हैं या कई घंटे डेली एक्सरसाइज करती हैं तो उन्हें अपने फिटनेस ट्रेनर या डॉक्टर से इस बारे में बात करने उनकी दी गयी सलाह के अनुसार ही एक्सरसाइज करनी चाहिए।

2. वजन में बदलाव

पतलापन, मोटापा या अचानक वजन में बदलाव आना आपके पीरियड्स पर प्रभाव डालता हैं। मोटापे से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन लेवल में असंतुलन पैदा हो सकता हैं जिससे महिलाओ में प्रजनन क्षमता में भी कमी आ जाती हैं और पीरियड्स ना आने की प्रॉब्लम भी आ सकती हैं।

जों स्त्रिया मोटापे से ग्रसित हैं उनके वजन कम करने के बाद उनके पीरियड्स में फिर से नियमितता देखी गयी हैं। ठीक उसी तरह जिनका वेट ज्यादा कम हैं उनमे कई पौषक तत्वों की कमी आ जाती हैं जिससे पर्याप्त मात्रा में जरुरी हारमोंस नहीं बन पाते जिससे ये एक पीरियड्स ना आने का एक कारण बनता हैं।

3. तनाव (Stress)

आजकल की बिजी लाइफ में थोडा बहुत तनाव होना एक आम बात हैं और इससे शरीर पर कुछ ख़ास नकारात्मक प्रभाव भी नहीं पड़ता। पर जिन लडकियों या महिलाओ को टेंशन जायदा रहती हैं तो उससे कुछ ऐसे हारमोंस का स्त्राव बढ़ जाता हैं जिससे मासिक धर्म के साथ ओव्यूलेशन पर भी इफ़ेक्ट पड़ता हैं।

अगर आपके लाइफ में कुछ ऐसा चल रहा हैं जिसकी वजह से आप तनाव में जायदा रहते हो और उससे डील नहीं कर पा रहे तो अपने डॉक्टर से मिले। तनाव कम होने के कुछ समय बाद ही आपके पीरियड्स समय पर आना शुरू हो जाते हैं।

4. सोने के समय में बदलाव

अगर आपके पीरियड्स में अनियमितता हाल ही में शुरू हुई हैं और कुछ समय से ही आपके सोने के समय में बदलाव हुआ हैं तो ये दोनों एक दुसरे से जुड़े हो सकते हैं। कुछ महिलाए जिन्हें जॉब की वजह से दिन की जगह रात की शिफ्ट में काम करना पड़ जाता हैं जिससे उन्हें नींद रात की बजे दिन में प्यरी करनी पड़ती हैं। ऐसी महिलाओ को पीरियड्स आना बंद होने की समस्या आ सकती हैं।

5. थाइरोइड की समस्या

हमारे आखिरी लेख में हमने आपसे थाइरोइड टेस्ट के बारे में बात की थी जिसमे हमने बताया था थाइरोइड ग्रंथि जब सही से काम नहीं करती तो उसकी वजह से थाइरोइड पर्याप्त मात्रा में हारमोंस का निर्माण नहीं करती। जिससे शरीर में कई तरह की समस्या होना शुरू हो जाती हैं। महिलाओ में थाइरोइड की बीमारी होने के संभावना काफी अधिक होती हैं। ऐसे में अगर आपको लम्बे समय से पीरियड नहीं आ रहे तो आपको थाइरोइड की समस्या हो सकती हैं।

6. दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट

आपने हाल ही में किसी और समस्या के लिए कोई दवाई लेनी शुरू की हैं तो उसके वजह से भी पीरियड प्रॉब्लम आ सकती हैं। कुछ ऐसे मेडिसिन जिन्हें हारमोंस इफ़ेक्ट होते हैं खासकर गर्भ निरोधक गोलिया और थाइरोइड के इलाज के लिए ली गयी मेडिसिन लेने से माहवारी पर प्रभाव हो सकता हैं। ऐसे मेडिसिन के साइड इफ़ेक्ट होने से कई बार पीरियड काफी हैवी आने लगते हैं और कई बार पीरियड रुक जाते हैं।

7. शुरूआती पीरियड्स

पीरियड्स अवधि 21 से 35 दिनों तक रहती है जो हर महिला के लिए अलग हो सकती हैं। खासकर जिन लडकियों के पीरियड्स आना शुरू हुए हैं तो उनके पीरियड्स में अनियमितता काफी रहती हैं। जवान लडकियों में शुरुआत में पीरियड लेट होना आम होता हैं कई बार एक महीने तक भी पीरियड मिस हो जाती हैं। जो कुछ समय बाद नार्मल हो जाते हैं। ऐसा उन महिलाओ के साथ भी होता जिनको कई सालो के बाद पीरियड आना शुरू हुए हैं।

8. स्तनपान

जो महिलाओ स्तनपान कराती हैं उनको पीरियड प्रॉब्लम आती रहती हैं। उन्हें मासिक धर्म या तो बिलकुल नहीं आते और आते भी हैं तो खुलकर नहीं आते। स्तनपान की वजह से पीरियड लेट होना नार्मल होता हैं।  कुछ महीनो के बाद पीरियड फिर से नार्मल हो जाते हैं।

पीरियड लेट या ना आने पर डॉक्टर से कब मिले

अगर आपके पीरियड्स 1-2 महीने से मिस हो रहे हैं तो आपको डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच जरुर करानी चाहिए। फिर चाहे आपको पीरियड लेट होने का कारण ही क्यों ना पता हो। अगर आपको अनियमित माहवारी के साथ निचे दिए लक्षण भी दिखाई दे तो बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर से मिले।

  • दिखने में धुंधलापन आना या सही से दिखाई न देना
  • स्तनों से कोई तरल पदार्थ निकलना
  • बालो का झड़ना
  • सिर में तेज़ दर्द रहना
  • बाल ज्यादा तेज़ी से बदने लगना
  • बुखार रहना।
  • जी मिचलाना या उलटिया लगना।

दोस्तों जैसा की आपने देखा पीरियड ना आने के कई ऐसे कारण हैं जो ज्यादा गंभीर नहीं हैं। पर 1 बार से जायदा पीरियड मिस होने पर उसकी जांच कराकर समस्या का इलाज शुरू कर देना चाहिए। हमें उम्मीद हैं आज की इस जानकारी से आपको जरुर मदद मिली होगी। माहवारी लेट या मिस होने को लेकर अपने सवाल आप निचे कमेंट्स में पूछ सकते हैं।

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