प्रेग्नेंट होने (प्रेगनेंसी) के शुरूआती 13 लक्षण इन हिंदी

पीरियड्स लेट या मिस होना हमेशा प्रेगनेंसी का शुरूआती लक्षण नहीं होता। कई बार कुछ और लक्षण पहले नज़र आ जाते हैं जिनसे पता चल जाता हैं की आप प्रेग्नेंट हो या नहीं? जो महिलाओ गर्भवती होना चाहती हैं उन्हें बेशब्री से इस खुशखबरी का इंतजार रहता हैं वो जल्दी से चाहती हैं की उन्हें प्रेगनेंसी होने का पता चल जाए। ऐसे में उन औरतो / लडकियों का जो आम सवाल रहता हैं वो होता हैं Symptoms of Pregnancy in First week? हालाँकि पहले सप्ताह (फर्स्ट वीक) में लक्षण उतने साफ़ नहीं दिखाई देते। पर कुछ समय बाद ही कुछ ऐसे संकेत हमें मिल जाते हैं की गर्भावस्था अभी शुरू हुई हैं या नहीं। तो चलिए आज के लेख में विस्तार से जानते हैं प्रेग्नेंट होने के लक्षण : Pregnancy ke Lakshan in Hindi.

कई बार ना चाहते हुए भी की प्रेगनेंसी होने की सम्भावना हो जाती हैं। आपसी मेल के समय जरुरी सुरक्षा ना ली हो या कुछ अन्य कारणों की वजह से अगर किसी को लगता हैं की वो प्रेग्नेंट हो सकती हैं। तो वो अपने पीरियड्स मिस होने तक का इंतजार नहीं कर सकती। इसलिए वो चाहती हैं जल्दी से जल्दी उन्हें गर्भवती होने का पता चल जाए। पर इन संकेतो के नज़र आने का समय हर महिला के लिया अलग हो सकता हैं। कुछ महिलाओ को गर्भ ठहरने के शुरूआती हफ्तों में ही प्रेगनेंसी के लक्षण नज़र आ जाते हैं कुछ को थोडा समय भी लग सकता हैं।

प्रेगनेंसी के लक्षण : Pregnancy Symptoms in Hindi

Pregnancy ke lakshan

प्रेगनेंसी के लक्षण : Pregnancy Symptoms in Hindi

गर्भवती होने के संकेत शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से मिल सकते हैं। ये लक्षण कितने जल्दी दिखाई देंगे, कितने समय तक रहेंगे और उनकी तीव्रता हर महिला के लिए अलग हो सकती हैं। नीचे दिए गए इन आम लक्षणों से आप अपनी प्रेगनेंसी का पत्ता लगा पाएंगे।

प्रेगनेंसी का पहला हफ्ता: Pregnancy First week Symptoms

गर्भवती होने के बाद पहले सप्ताह में गर्भ में बच्चा बनने की प्रक्रिया शुरू होती हैं। पर Pregnancy First week में शारीरिक लक्षण नज़र नहीं आते। मेडिकल भाषा में तो प्रेगनेंसी के पहले हफ्ते में तो महिला प्रेग्नेंट होती ही नहीं। महिला का आखिरी पीरियड्स को ही गर्भावस्था के पहले हफ्ते में गिना जाता हैं। इसलिए प्रेगनेंसी के शुरूआती हफ्ते में पीरियड्स से जुड़े लक्षण ही दिखाई देते हैं। आखिरी पीरियड समाप्त होने के 2 week बाद गर्भ ठहरता हैं। उसके बाद ही लक्षण दिखाई देने शुरू होते हैं। जिन्हे विस्तार से निचे बताया गया हैं।

प्रेग्नेंट होने के शुरूआती आम लक्षण

1. पीरियड्स ना आना (मिस होना)

पीरियड के ना आने को प्रेगनेंसी के मुख्य प्रारम्भिक लक्षण में देखा जाता हैं। अगर किसी महिला को प्रेग्नेंट होने का अन्देशा है और उसकी माहवारी समय पर ना आये तो पहला ख्याल मन में यही आती हैं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हूँ?

कई बार जब भूर्ण बनने की प्रक्रिया गर्भ में आरम्भ होती हैं तो मासिक धर्म जैसा दर्द और हलकी ब्लीडिंग हो सकती हैं जिसे पीरियड्स होना समझ लिया जाता हैं। पीरियड मिस होने से पहले ही प्रेग्नेंट होने की संभावना बहुत कम होती हैं पर इनको अनियमित माहवारी की समस्या पहले से रहती हैं उन्हें ऐसा हो भी सकता हैं।

2. स्तन में सूजन

अगर आपको अपने ब्रैस्ट में सूजन दिखाई दे रही है और किसी के छूने के प्रति स्तन ज्यादा सवेदनशील हो गए हैं तो आप गर्भवती हो सकते हैं। गर्भावस्था में हार्मोन्स में तेज़ी से बदलाव होते रहते हैं जिनकी वजह से ब्रैस्ट में खून का दौरा बढ़ जाता हैं। जिसकी वजह से स्तनों में सूजन और सवेदनशीलता बढ़ जाती हैं।

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3. खून आना

कई बार गर्भवती होने पर हलकी ब्लीडिंग हो सकती हैं। प्रेगनेंसी में ये आम बात हैं। ऐसे ब्लीडिंग अंडे के निषेचन के 6-7 दिन बाद होती हैं। इसके साथ में थोडा दर्द भी हो जाता हैं। गर्भावस्था में खून आना कई बार पीरियड होने के भ्रम पैदा करता हैं। माहवारी और इस दौरान जो खून आता हैं उसके रंग में अंतर होता हैं। इस समय जो खून आता हैं उसका रंग हल्का होता हैं। और दिखने में गुलाबी या हलके भूरे रंग का होता हैं।

4. थकान रहना

जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती हैं तो उसकी बॉडी खुद को प्रेगनेंसी के लिए तैयार करना शुरू कर देती हैं। जिससे उनको अक्सर थकान महसूस होती हैं। थकान और कमजोरी लगने का एक कारण प्रोजेस्टेरोन भी होता हैं जो इस अवस्था में तेज़ी से बढ़ते हैं।

5. उल्टी का मन होना

जी मिचलाना और उलटी का मन होना भी एक प्रेगनेंसी का मुख्य लक्षण होता हैं। ऐसा आम तौर पर पीरियड्स मिस होने के कुछ समय पहले होता हैं। ऐसा प्रेगनेंसी के छठे सप्ताह में ज्यादा होता हैं। इसे मोर्निंग सिकनेस के नाम से भी जाना जाता हैं। कुछ औरतो को ये लक्षण काफी काम या ना के बराबर दीखता है तो कुछ को ये काफी जायदा होता हैं।

6. खाने पीने की आदतों में बदलाव

इन दिनों में महिलाओ के शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर काफी ज्यादा हो जाता हैं। जिससे शरीर के कई अंगो की स्वेदंशिलता बढ़ जाती हैं। कुछ विशेष खानों की प्रति उन्हें खाने की इच्छा बढ़ जाती हैं और कुछ को खाने का बिलकुल मन नहीं करता। ज्यादातर गर्भवती महिलाओ की भूख बढ़ जाती हैं और उन्हें वो खाद्य पदार्थ भी अच्छे लगने लगते हैं जिन्हें वो पहले नहीं खाती थी।

7. बार बार पेशाब आना

गर्भ में भूर्ण के विकास होने के साथ शरीर में हारमोंस में बदलाव आते रहते हैं जिसके परिणामस्वरूप कुछ औरतो को बार बार पेशाब आने की शिकायत रहने लग जाती हैं। अगर किसी को पेशाब करते समय जलन और दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई दे तो उन्हें तुरन्त यूरिन टेस्ट करना चाहिए। क्योंकि ये यूरिन इन्फेक्शन का भी लक्षण हो सकता हैं।

8. पीठ में दर्द

कुछ लोग सोचते हैं कमर में दर्द होना प्रेग्नेंट होने के काफी समय के बाद का लक्षण हैं। असल में पीठ दर्द को प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षणों में से एक माना जाता हैं। हालाँकि कई महिलाओ को ऐसा दर्द नहीं होता।

प्रेग्नेंट होने पहले तिमाही बाद गर्भावस्था के लक्षण

जैसे-जैसे प्रेगनेंसी का समय जाता रहता हैं तो कुछ और शुरूआती लक्षण दिखाई देने लगे हैं। जो दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान सामने आते हैं। भूर्ण के विकास होने के साथ प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में वजन बढ़ना लगता हैं। ऐसे ही कुछ और लक्षण भी इस समय में दिखाई देते हैं जो निचे दिए गए हैं।

  1. टांगो में खून का दौरा कम होने से टखनो और पैरो में सूजन आ जाती हैं।
  2. सीने में जलन महसूस होना।
  3. पेशाब बार बार आने से कई बार यूरिन लीकेज भी हो जाती हैं। खांसते और हंसी में पेशाब निकल जाना।
  4. प्रेग्नेंट होने पर वजन बढ़ने लगता हैं जो एक नार्मल बात हैं।
  5. सांस बहार निकालने में तकलीफ होना।

हमारी बहनों और माताओ को ये लेख प्रेगनेंसी के लक्षण : Symptoms of Pregnancy (first week, Month) in Hindi? लेख कैसा लगा हमें कमेंट्स के जरिये जरुर बताए। प्रेग्नेंट होने के लक्षणों से जुड़े सवाल भी आप हमसे पूछ सकते हैं।

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